Wednesday, February 6, 2013

* कुछ चुनाव सुझाव -२०१४ *

   *   कुछ  चुनाव सुझाव -२०१४  *
                सन २०१४ मे लोकसभा चुनाव तय है ।ऐसा लगता है कि सभी प्रांतीय तथा राष्ट्रीय पक्ष चुनाव के सोच मे अभी से जुट गये है । चुनाव के उद्देश को सोच  कर 'पेकेजेस 'वादे करना शुरू हो गया है ।प्रमुख पदोके दावेदार भी धीरे धीरे सामने आ रहे है ।भाषण बाजी कि बरसात ,प्रलोभन कि लालच ,आश्वासनोकी खैरात ओर बेशुमार सौदेबाजी ऐसा याह राजकीय रंगारंग जलसा [कार्यक्रम ]२०१४ के चुनाव तक चलेगा स्पष्ट बहुमत ना मिलने से बार बार खिचडी सरकार बनती है ।जिस कारण देश हित के निर्णय नही लिये जाते ,या कार्यान्वित नही हो पाते ।इस विषय पर मै कुछ सुझाव चुनाव आयोग को देना चाहता हुं ।
                अलग अलग विचार रखनेवाले प्रांतीय तथा राष्ट्रीय पक्ष मिलकर जब सरकार बनाते है तब  कई प्रांतीय पक्ष के सांसदोंको सामुचे देश के विविध प्रांत कि सही जरुरते तथा समस्या का ज्ञान नही होता ,इसलिये समस्या का हल नही निकलता ,यह देखकर ऐसा लगता है ....................
         १]लोकसभा चुनाव लडने वाला पक्ष ऐसा हो जो देश के कम से कम ८०%प्रांत [विभाग ]मे सक्रिय कार्यरत हो ।ऐसा न होने पर किसी भी प्रांतीय राजकीय पक्ष को लोकसभा चुनाव मे प्रत्याशी होनेकी अनुमती न मिले लोकसभा चुनाव मे राजकीय पक्ष का *अजंडा राष्ट्रीय *होना अनिवार्य है ।प्रादेशिक पक्ष अपने राज्य का विधानसभा चुनाव जरूर लडे ।
         २] कोई भी गुनाहगार व्यक्ती को राज्य तथा केंद्र स्तर का चुनाव लडने कि  अनुमती न दि जाये ।यह न्यायोचीत  नही है ।गुनहगारोको लोकशाही प्रणाली द्वारा अभयदान ना मिले ।
           ३] देश के हर नागरिक ने मतदान करना कानुनी अनिवार्य हो ।कुछ अपवाद [जैसे मतीमंद ,आत्यंतिक बिमार अवस्था इ .इ . ]हो सकते है ।लोकशाही प्रणाली पुरा लाभ लेनेवालोको मतदान ना करने का*स्वातंत्र्य *
नही देना चाहिये ।किसीभी प्रभाग का मतदान ९०% के उपर होना अनिवार्य हो ।
           ४] बेलेट पेपर ,मशीन पर नकारात्मक मतदान व्यवस्था भी उपलब्ध हो ।
            ५] प्रत्येक प्रत्याशी ने अपनी संपूर्ण परिवार सहित संपत्ती घोषित करना  जरुरी हो ।चुनाव आयोग
  चुनाव पूर्व उस घोषित संपत्ती कि सही जाच करे ।
             ६] संसद / विधानसभा /विधानपरिषद /राज्य परिषद सत्र में गैर हजीरी ,निंदनीय हरकत, भ्रष्टाचारी, अकार्यक्षम  नेता टिपणी करनेका हक उस नेता के मतदार संघ को मिले ।
             ७] चुनाव के वक्त जो मतदार बाहर गांव हो उनके लिये संगणक द्वारा मतदान कि सही व्यवस्था
 उपलब्ध कराई जाये ।हम संगणक युग मे इतना भी नही कर सकते ?
              ८] सभी नागरीकोका /मतदारोका मतदार सूची मे नाम उपलब्ध होणा जरुरी है ।मतदान करना
हर नागरिक का हक ओर कर्तव्य है ।कोई भी इस हक ओर कर्तव्य से वंचित ना रह जाये ।
               ऐसे कई मुद्दोपर विशेश्द्न्यो द्वारा अभ्यास हो । विचार हो
        सुहास सोहोनी ---
        विवेकानंद कॉलोनी ,अमरावती -४४४६०६.
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